यमन की नेश्नल साल्वेशन सरकार और सऊदी अरब के बीच वार्ता का पहला चरण 10 अप्रैल को उस समय शुरु हुआ जब यमन में सऊदी अरब के राजदूत मुहम्मद आले जाबिर के नेतृत्व प्रतिनिधिमंडल सनआ पहुंचा था जो यमन युद्ध के बाद से अपने आप में पहली कार्यवाही थी।
यमन के एक कूटनयिक सूत्र का कहना है कि कुछ मामले अभी हल नहीं हुए हैं और उन्हें हल किए जाने की ज़रूरत है और दोनों पक्षों ने वार्ता के बाद के चरण को ईदुल फ़ित्र के बाद आयोजित किए जाने के बाद सहमति जताई थी।
आशा है कि यमन में सऊदी राजदूत के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल की ओर से सनआ में यमन की नेश्नल साल्वेशन सरकार क साथ फिर वार्ता की जाएगी।
दूसरी ओर अलमसीरा चैनल ने रिपोर्ट दी है कि यमन की नेश्नल साल्वेशन सरकार के रक्षामंत्री ने कहा कि यमन की सशस्त्र सेनाएं, सऊदी गठबंधन की हर उस कोशिश को नाकाम बनाने के लिए तैयार हैं जो तनाव बढ़ने, यमन के राष्ट्रीय भंडारों की लूटमार करने या राजनैतिक समाधान को ख़राब करने के लिए की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि यमन की सशस्त्र सेनां अपनी क्षमताओं और स्वदेशी आधुनिक उपकरणों पर भरोसा करते हुए हमलावर ताक़तों की हर प्रकार की साज़िशों और हमलों का मुक़ाबला करने के लिए तैयार हैं। (AK)
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